₹400.00Original price was: ₹400.00.₹325.00Current price is: ₹325.00.
"समाधि में साधक मरता है स्वयं, और चूंकि वह स्वयं मृत्यु में प्रवेश करता है, वह जान लेता है इस सत्य को कि मैं हूं अलग, शरीर है अलग। और एक बार यह पता चल जाए कि मैं हूं अलग, मृत्यु समाप्त हो गई। और एक बार यह पता चल जाए कि मैं हूं अलग, और जीवन का अनुभव शुरू…
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹280.00Current price is: ₹280.00.
आओ प्रेम की एक झील में नौका-विहार करें। और ऐसी झील मनुष्य के इतिहास में दूसरी नहीं है, जैसी झील मीरा है। मानसरोवर भी उतना स्वच्छ नहीं। और हंसों की ही गति हो सकेगी मीरा की इस झील में। हंस बनो, तो ही उतर सकोगे इस झील में। हंस न बने तो न उतर पाओगे। हंस बनने का अर्थ हैः…
₹750.00Original price was: ₹750.00.₹570.00Current price is: ₹570.00.
एक दुर्घटना हुई है। और वह दुर्घटना है: मनुष्य की चेतना बहिर्मुखी हो गई है। सदियों से धीरे-धीरे यह हुआ, शनैः-शनैः, क्रमशः-क्रमशः। मनुष्य की आंखें बस बाहर थिर हो गई हैं, भीतर मुड़ना भूल गई हैं। तो कभी अगर धन से ऊब भी जाता है--और ऊबेगा ही कभी; कभी पद से भी आदमी ऊब जाता है--ऊबना ही पड़ेगा, सब थोथा…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹250.00Current price is: ₹250.00.
मरौ वे जोगी मरौ, मरौ मरन है मीठा। तिस मरणी मरौ, जिस मरणी गोरष मरि दीठा।। गोरख कहते हैं: मैंने मर कर उसे देखा, तुम भी मर जाओ, तुम भी मिट जाओ। सीख लो मरने की यह कला। मिटोगे तो उसे पा सकोगे। जो मिटता है, वही पाता है। इससे कम में जिसने सौदा करना चाहा, वह सिर्फ अपने को…
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
कहानियां सत्य की दूर से आती प्रतिध्वनियां हैं: एक सूक्ष्म सा इशारा, एक नाजुक सा धागा। तुम्हें खोजते रहना होगा। तब कहानी धीरे अपने खजाने तुम्हारे लिए खोलने लगेगी। यदि तुम कहानी को वैसे ही लो जैसी वह दिखाई देती है, तुम उसके संपूर्ण अर्थ से ही चूक जाओगे। प्रत्यक्ष वास्तविक नहीं है। वास्तविक छिपा है. बड़े गहरे में छिपा…
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹500.00Current price is: ₹500.00.
चरणदास वाणी पर प्रवचन अब तक दुनिया में दो ही तरह के धर्म रहे हैं--ध्यान के और प्रेम के। और वे दोनों अलग-अलग रहे हैं। इसलिए उनमें बड़ा विवाद रहा। क्योंकि वे बड़े विपरीत हैं। उनकी भाषा ही उलटी है। ध्यान का मार्ग विजय का, संघर्ष का, संकल्प का। प्रेम का मार्ग हार का, पराजय का, समर्पण का। उनमें मेल…
₹750.00Original price was: ₹750.00.₹600.00Current price is: ₹600.00.
ध्यान के लिए पहली बात तो है साहस। दूसरी बात, अपने से सावधान रहना। क्योंकि आप ही अपने को धोखा दे सकते हैं, कोई और नहीं। सच तो यह है कि इस जगत में दूसरे को धोखा देना संभव ही नहीं है। सिर्फ अपने को ही धोखा दिया जा सकता है। वी कैन डिसीव ओनली अवरसेल्व्स। कोई किसी दूसरे को…
₹440.00Original price was: ₹440.00.₹340.00Current price is: ₹340.00.
जीवन में प्रेम का साक्षात्कार महत्वाकांक्षा जीवन को ज्वरग्रस्त करने का मार्ग है। फिर क्या और कोई रास्ता नहीं हो सकता? रास्ता है। वह रास्ता है प्रेम का, महत्वाकांक्षा का नहीं। संगीत से प्रेम सिखाएं, दूसरे संगीत सीखने वाले से प्रतिस्पर्धा नहीं। गणित से प्रेम सिखाएं, दूसरे गणित के विद्यार्थी से प्रतियोगिता नहीं। मैं संगीत ऐसे भी तो सीख सकता…
₹1,200.00Original price was: ₹1,200.00.₹900.00Current price is: ₹900.00.
कुंडलिनी-यात्रा पर ले चलने वाली इस अभूतपूर्व पुस्तक के कुछ विषय बिंदु: *शरीर में छिपी अनंत ऊर्जाओं को जगाने का एक आह्वान *सात चक्रों व सात शरीरों के रहस्यों पर चर्चा *आधुनिक मनुष्य के लिए ध्यान की सक्रिय विधियों का जन्म *तंत्र के गुह्य आयामों से परिचय
₹450.00Original price was: ₹450.00.₹315.00Current price is: ₹315.00.
सत्य का हमारे दृष्टि में मूल्य नहीं है इसलिए हम विश्वासी बने हुए हैं। सत्य का हमारी दृष्टि में मूल्य होगा, तो हम विश्वासी नहीं हो सकते, हम खोजी बनेंगे। हमारी प्यास होगी, हम जानना चाहेंगे। मैं आपसे निवेदन करूं, इस भांति की जो आस्तिकता है सीखी हुई, भगवान तक पहुंचने में इससे बड़ी और कोई बाधा नहीं है, और…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
विज्ञान, धर्म और कला के अंतर-संबंध को समझाते हुए ओशो कहते है—"ये तीन बातें मैंने कही। विज्ञान प्रथम चरण है। वह तर्क का पहला कदम है। तर्क जब हार जाता है तो धर्म दूसरा चरण है, वह अनुभूति है। और जब अनुभूति सघन हो जाती है तो वर्षा शुरू हो जाती है, वह कला है। और इस कला की उपलब्धि…
₹195.00Original price was: ₹195.00.₹150.00Current price is: ₹150.00.
Osho Dhyan Yog is a book on meditation in yoga. It teaches the principles of meditation and its benefits. The book is written using simple language and anyone can follow the detailed steps for yogic meditation. Osho's numerous followers and many others, have benefitted by following the steps described in this book.Osho Dhyan Yog was published by Diamond Books in…
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
ओशो का योगदान इतना गहन और विस्तृत है कि उनके योगदान को किसी धर्म, देश, लिंग या उम्र में सीमित नहीं किया जा सकता। अपने साहित्य के रूप में जो उन्होंने पीछे रख छोड़ा है वह उन्हें सदा आगे रखता रहेगा। ओशो भविष्य के मनुष्य हैं, उन्होंने वह सब दे दिया है जिसकी आने वाले युगों में भी आवश्यकता रहेगी।…
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
This is a very special volume of a Great Enlightened One because rather than responding to questions and sutras, Osho is simply sharing his enlightened consciousness as he recalls his rebellious and mischievous childhood through fascinating, entertaining and inspiring stories. This edition also includes many beautiful, rare, and intimate photos of the ordinary daily activities of an enlightened mystic. "My…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
ओशो प्रेमियों एवं संन्यासियों को अलग रखकर बात करें तो अधिकतर लोगों की नजर में ओशो एक व्यक्ति का ही नाम है जो 80 के दशक में आध्यात्मिक गुरु के रूप में उभरा कम था बल्कि विवादों एवं आरोपों में घिरा अधिक था। दुर्भाग्य से ऐसा मानने व सोचने वालों की संख्या ज्यादा है। यह पुस्तक इसी बात को ध्यान…
₹750.00Original price was: ₹750.00.₹600.00Current price is: ₹600.00.
हिंदी में भक्त कवियों की एक लंबी पंरपरा रही है। भक्तों की इस मणि-माला में मीरा कौस्तुभ मणि के समान है। उसकी आभा सबसे अधिक मोहक, सबसे अधिक प्रखर और सबसे अधिक जीवंत है। भक्ति समग्र से कम पर संतुष्ट नहीं होती। यदि आप मरने के लिए तैयार हैं, यदि आप सारे विश्लेषण, सारे कपड़े उतारने के लिए तैयार हैं,…
₹450.00Original price was: ₹450.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
जीवन दर्शन पर प्रवचन होश आत्मा का दीया है। वही ध्यान है, उसी को मैं मेडिटेशन कहता हूं। होश ध्यान है। निरंतर अपने जीवन के प्रति, सारे तथ्यों के प्रति जागे हुए होना ध्यान है। वही दीया है, वही ज्योति है। उसको जगा लें और फिर देखें, पाएंगे, अंधेरा क्रमशः विलीन होता चला जा रहा है। एक दिन आप पाएंगे,…
₹450.00Original price was: ₹450.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
"जो होशपूर्वक अपनी सारी क्रियाएं करेगा, इंद्रियों के सारे संबंधों में होश को जाग्रत रखेगा, निरंतर उसका स्मरण रखेगा जो भीतर बैठा है, उसका नहीं जो बाहर दिखाई पड़ रहा है, क्रमशः उसकी दृष्टि में परिवर्तन उत्पन्न होगा। रूप की जगह वह दिखाई पड़ेगा जो रूप को देखने वाला है। सारी क्रियाओं के बीच उसका अनुभव होगा जो कर्ता है।…
₹2,500.00Original price was: ₹2,500.00.₹2,000.00Current price is: ₹2,000.00.
पतंजलि का योग-सूत्रा कोई दार्शनिक व्यवस्था नहीं है। यह अनुभवात्मक है। यह एक उपकरण है, जिससे कुछ किया जाना है। लेकिन फर भी इसमें एक दर्शन समाहित है। यह भी तुम्हें इस बात की बौद्धिक समझ देने के लिए कि तुम कहां जा रहे हो, क्या खोज रहे हो।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
स्वभाव को लाओत्सु ताओ कहता है, पतंजलि कैवल्य कहते हैं, महावीर मोक्ष कहते हैं, बुद्ध निर्वाण कहते हैं। लेकिन तुम इसको चाहे कुछ भी नाम दो- इसका न कोई नाम है और न कोई रूप - यह तुम्हारे भीतर है वर्तमान, ठीक इसी क्षण में। तुमने सागर को खो दिया था क्योंकि तुम अपने स्व से बाहर आ गए थे।…
₹275.00Original price was: ₹275.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
मन चित चातक ज्यूं रटै, पिव पिव लागी प्यास। नदी बह रही है, तुम प्यासे खड़े हो; झुको, अंजुली बनाओ हाथ की, तो तुम्हारी प्यास बुझ सकती है। लेकिन तुम अकड़े ही खड़े रहो, जैसे तुम्हारी रीढ़ को लकवा मार गया हो, तो नदी बहती रहेगी तुम्हारे पास और तुम प्यासे खड़े रहोगे। हाथ भर की ही दूरी थी, जरा…
₹195.00Original price was: ₹195.00.₹150.00Current price is: ₹150.00.
करुणा यानी एक जीवंत प्रेम का प्रवाह। करुणा का अर्थ है: बहता हुआ प्रेम। जिसे हम प्रेम कहते हैं वह प्रेम बंधा हुआ प्रेम है, वह किसी एक पर बंध कर बैठ जाता है। और प्रेम जब बंध जाता है तब वह भी करुणापूर्ण नहीं रह जाता है, वह भी हिंसापूर्ण हो जाता है। जब मैं किसी एक को प्रेम…
₹880.00Original price was: ₹880.00.₹700.00Current price is: ₹700.00.
थोड़े से साहस की जरूरत है और आनंद के खजाने बहुत दूर नहीं हैं। थोड़े से साहस की जरूरत है और नर्क को आप ऐसे ही उतार कर रख सकते हैं, जैसे कि कोई आदमी धूल-धवांस से भर गया हो रास्ते की, राह की, और आ कर स्नान कर ले और धूल बह जाए। बस ऐसे ही ध्यान स्नान है।…
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹300.00Current price is: ₹300.00.
सहज-समाधि का अर्थ है कि परमात्मा तो उपलब्ध ही है; तुम्हारे उपाय की जरूरत नहीं है। तुम कैसे पागल हुए हो! पाना तो उसे पड़ता है, जो मिला न हो। तुम उसे पाने की कोशिश कर रहे हो, जो मिला ही हुआ है। जैसे सागर की कोई मछली सागर की तलाश कर रही हो। जैसे आकाश का कोई पक्षी आकाश…
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹300.00Current price is: ₹300.00.
धर्म तो गूंगे का गुड़ है; जिसने स्वाद लिया, वह गूंगा हो गया। उसे बोलना मुश्किल है, बताना मुश्किल है। उस संबंध में कुछ भी कहने की सुगमता नहीं है। जो कहे, समझ लेना उसने जाना नहीं है। बुद्ध भी बोलते हैं, लाओत्से भी बोलता है, कृष्ण भी बोलते हैं। लेकिन जो भी वे बोलते हैं, वह धर्म नहीं है।…
₹1,260.00Original price was: ₹1,260.00.₹945.00Current price is: ₹945.00.
सिद्धों का एक महान संदेश, ‘जागो’, ओशो की वाणी द्वारा इन प्रवचनों में और भी अधिक मुखरित हुआ है। ओशो कहते हैं : ‘‘जागो, मन जागरण की बेला! और जागरण की बेला हमेशा है। ऐसा कोई क्षण नहीं जब तुम जाग न सको। ऐसा कोई पल नहीं जब तुम पलक न खोल सको। आंख बंद किए हो यह तुम्हारा निर्णय…
₹395.00Original price was: ₹395.00.₹325.00Current price is: ₹325.00.
सरहपा के सूत्र साफ-सुथरे हैं। पहले वे निषेध करेंगे। जो-जो औपचारिक है, गौण है, बाह्य है, उसका खंडन करेंगे; फिर उस नेति-नेति के बाद जो सीधा सा सूत्र है वज्रयान का, सहज-योग, वह तुम्हें देंगे। सरल सी प्रक्रिया है सहज-योग की, अत्यंत सरल! सब कर सकें, ऐसी। छोटे से छोटा बच्चा कर सके, ऐसी। उस प्रक्रिया को ही मैं ध्यान…
₹395.00Original price was: ₹395.00.₹325.00Current price is: ₹325.00.
सरहपा और तिलोपा क्रियाकांड और अनुष्ठान को धर्म नहीं कहते। तुम पूछते होः कृपया बताएं कि उनके अनुसार धर्म क्या है?' वैसा चैतन्य, जिसमें न कोई क्रियाकांड है, न कोई अनुष्ठान है, न कोई विचार है, न कोई धारणा है, न कोई सिद्धांत है, न कोई शास्त्र है। वैसा दर्पण, जिसमें कोई प्रतिछवि नहीं बन रही--न स्त्री की, न पुरुष…
₹790.00Original price was: ₹790.00.₹600.00Current price is: ₹600.00.
सिद्धों का एक महान संदेश, ‘जागो’, ओशो की वाणी द्वारा इन प्रवचनों में और भी अधिक मुखरित हुआ है। ओशो कहते हैं : ‘‘जागो, मन जागरण की बेला! और जागरण की बेला हमेशा है। ऐसा कोई क्षण नहीं जब तुम जाग न सको। ऐसा कोई पल नहीं जब तुम पलक न खोल सको। आंख बंद किए हो यह तुम्हारा निर्णय…
₹1,500.00Original price was: ₹1,500.00.₹1,250.00Current price is: ₹1,250.00.
‘यह पुस्तक आंख वाले व्यक्ति की बात है। किसी सोच-विचार से, किसी कल्पना से, मन के किसी खेल से इसका जन्म नहीं हुआ; बल्कि जन्म ही इस तरह की वाणी का तब होता है, जब मन पूरी तरह शांत हो गया हो। और मन के शांत होने का एक ही अर्थ होता है कि मन जब होता ही नहीं। क्योंकि…
₹960.00Original price was: ₹960.00.₹700.00Current price is: ₹700.00.
‘जो उस मूलस्रोत को देख लेता है...’ यह बुद्ध का वचन बड़ा अदभुत है: ‘वह अमानुषी रति को उपलब्ध हो जाता है।’ वह ऐसे संभोग को उपलब्ध हो जाता है, जो मनुष्यता के पार है। जिसको मैंने ‘संभोग से समाधि की ओर’ कहा है, उसको ही बुद्ध अमानुषी रति कहते हैं। एक तो रति है मनुष्य की—स्त्री और पुरुष की।…
₹425.00Original price was: ₹425.00.₹325.00Current price is: ₹325.00.
पुस्तक संभोग से समाधि की और में, ओशो ने पाठक को संभोग और गर्भाधान के समय से लेकर मृत्यु तक मनुष्य की आध्यात्मिक यात्रा के बारे में बताया। ... संभोग से समाधि की और में, वह यह भी बताते हैं कि कितने लोग काम से नहीं बच सकते हैं और लोगों को इससे नहीं लड़ना चाहिए, क्योंकि यह जीवन की…
₹750.00Original price was: ₹750.00.₹550.00Current price is: ₹550.00.
"जो उस मूलस्रोत को देख लेता है..." यह बुद्ध का वचन बड़ा अदभुत है : वह अमानुषी रति को उपलब्ध हो जाता है। वह ऐसे संभोग को उपलब्ध हो जाता है, जो मनुष्यता के पार है। जिसको मैंने, " संभोग से समाधि की ओर " कहा है, उसको ही बुद्ध अमानुषी रति कहते हैं | एक तो रति है मनुष्य…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
प्रेम है दान स्वयं का आपको पता है ईश्वर के संबंध में? आप जानते हैं? पहचानते हैं? है भी या नहीं है, दोनों बातें आपको पता नहीं हैं। लेकिन बचपन से हम कुछ सुन रहे हैं। और उस सुने को हमने स्वीकार कर लिया है। और उस स्वीकृति पर ही हमारी खोज की मृत्यु हो गई, हत्या हो गई। जो…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹350.00Current price is: ₹350.00.
‘सत्य है तो स्वयं के भीतर है।’ इसलिए किसी और से मांगने से नहीं मिल जाएगा। सत्य की कोई भीख नहीं मिल सकती। सत्य उधार भी नहीं मिल सकता। सत्य कहीं से सीखा भी नहीं जा सकता, क्योंकि जो भी हम सीखते हैं, वह बाहर से सीखते हैं। जो भी हम मांगते हैं, वह बाहर से मांगते हैं। सत्य पढ़…
₹2,250.00Original price was: ₹2,250.00.₹1,800.00Current price is: ₹1,800.00.
1.SUNO BHAI SADHO 2.GUNGE KERI SARKARA 3.MERA MUJH ME KUCH NAHI 4.HONI HOY SO HOYE 5.KASTURI KUNDAL BASE 6.KAHE KABIR DIWANA 7.KAHE KABIR ME PURA PAYA कबीरः सत्संग का संगीत अकथ कहानी प्रेम की, कछु कही न जाय। गूंगे केरी सरकरा, खाइ और मुसकाय।। एक-एक शब्द बहुमूल्य है। उपनिषद फीके पड़ जाते हैं कबीर के सामने। वेद दयनीय मालूम पड़ने…
₹1,850.00Original price was: ₹1,850.00.₹1,475.00Current price is: ₹1,475.00.
Six (6) Books Set On Kabir By Osho 1. Kahe kabir Diwana 2. Gunge Keri Sarkara 3. Mera Mujh Me Kuch Nahi 4 Suno Bhai Sadho 5.Kasturi Kundal Base 6.Honi Hoy So Hoy
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹525.00Current price is: ₹525.00.
इस पुस्तक से: अपनी तरफ देखो—न तो पीछे, न आगे। कोई तुम्हारा नहीं है। कोई बेटा तुम्हें नहीं भर सकेगा। कोई संबंध तुम्हारी आत्मा नहीं बन सकता। तुम्हारे अतिरिक्त तुम्हारा कोई मित्र नहीं है। जैसे कि आग को तुम उकसाते हो—राख जम जाती है, तुम उकसा देते हो; राख झड़ जाती है, अंगारे झलकने लगते हैं। ऐसी तुम्हें कोई प्रक्रिया…
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
एकांत में प्रेमपूर्ण होने का प्रयोग करें खोजें टटोलें अपने भीतर।हो जाएगा होता है हो सकता है। जरा भी कठिनाई नहीं है। कभी प्रयोग ही नहीं किया उस दिशा में इसलिए खयाल में बात नहीं आ पाई है| निर्जन में भी फूल खिलते हैं और सुगंध फैला देते हैं।निर्जन में एकांत में प्रेम की सुगंध को पकड़ें। जब एक बार…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
न तो ज्ञान ले जाएगा, न भक्ति ले जाएगी, न कर्म ले जाएगा। ज्ञान, भक्ति, कर्म तीनों मन के ही खेल हैं। इन तीनों के पार जो जाएगा—वही अ-मन, नो-माइंड, वही आत्मा, वही परम सत्य उसकी अनुभूति में ले जाता है। तब मुझसे मत पूछें कि मार्ग क्या है? सब मार्ग मन के हैं। मार्ग छोड़ें, क्योंकि मन छोड़ना है।…
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
"व्यक्ति बनें, तो ही आप सत्य को जान सकेंगे। और व्यक्ति बनने की पहली आधारशिला यहीं से शुरू होती है कि हम यह जानें कि असंदिग्ध रूप से जो सत्य मेरे निकटतम है, वह मैं हूं। कोई दूसरा मेरे लिए उतना सत्य नहीं है, जितना मैं हूं। कोई दूसरा किसी के लिए सत्य नहीं है--उसकी स्वयं की सत्ता। और वहां…
₹3,600.00Original price was: ₹3,600.00.₹2,700.00Current price is: ₹2,700.00.
भारत की तरह चीन ने भी धरती पर सबसे पुरानी व समृद्ध सभ्यता की विरासद पायी है। कोई छह हजार वर्षों का उसका ज्ञात इतिहास है-अर्जनों और उपलब्धियों से लदा हुआ। और यदि पूछा जाए कि चीन के इस लंबे और शानदार इतिहास में सबसे उजागर व्यक्तित्व, कौन हुआ, तो आज का प्रबुद्ध जगत बिना हिचकिचाहटके लाओत्से का नाम लेगा।…
₹750.00Original price was: ₹750.00.₹660.00Current price is: ₹660.00.
पुस्तक के बारे मेंUpasana Ke Kshan - उपासना के क्षण उपासना का मतलब होता है: ‘उसके’ पास बैठना। और जितना द्वैत होगा, उतनी आसन से दूरी रहेगी। उतनी उपासना कम होगी। जितना अभेद होगा, उतने ही उसके निकट हम बैठ पाएंगे। उपवास का भी वही अर्थ होता है, उपासना का भी वही अर्थ होता है। उपवास का मतलब होता है:…