₹450.00Original price was: ₹450.00.₹315.00Current price is: ₹315.00.
सत्य का हमारे दृष्टि में मूल्य नहीं है इसलिए हम विश्वासी बने हुए हैं। सत्य का हमारी दृष्टि में मूल्य होगा, तो हम विश्वासी नहीं हो सकते, हम खोजी बनेंगे। हमारी प्यास होगी, हम जानना चाहेंगे। मैं आपसे निवेदन करूं, इस भांति की जो आस्तिकता है सीखी हुई, भगवान तक पहुंचने में इससे बड़ी और कोई बाधा नहीं है, और…
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
विज्ञान, धर्म और कला के अंतर-संबंध को समझाते हुए ओशो कहते है—"ये तीन बातें मैंने कही। विज्ञान प्रथम चरण है। वह तर्क का पहला कदम है। तर्क जब हार जाता है तो धर्म दूसरा चरण है, वह अनुभूति है। और जब अनुभूति सघन हो जाती है तो वर्षा शुरू हो जाती है, वह कला है। और इस कला की उपलब्धि…
₹195.00Original price was: ₹195.00.₹150.00Current price is: ₹150.00.
Osho Dhyan Yog is a book on meditation in yoga. It teaches the principles of meditation and its benefits. The book is written using simple language and anyone can follow the detailed steps for yogic meditation. Osho's numerous followers and many others, have benefitted by following the steps described in this book.Osho Dhyan Yog was published by Diamond Books in…
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
ओशो का योगदान इतना गहन और विस्तृत है कि उनके योगदान को किसी धर्म, देश, लिंग या उम्र में सीमित नहीं किया जा सकता। अपने साहित्य के रूप में जो उन्होंने पीछे रख छोड़ा है वह उन्हें सदा आगे रखता रहेगा। ओशो भविष्य के मनुष्य हैं, उन्होंने वह सब दे दिया है जिसकी आने वाले युगों में भी आवश्यकता रहेगी।…
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
This is a very special volume of a Great Enlightened One because rather than responding to questions and sutras, Osho is simply sharing his enlightened consciousness as he recalls his rebellious and mischievous childhood through fascinating, entertaining and inspiring stories. This edition also includes many beautiful, rare, and intimate photos of the ordinary daily activities of an enlightened mystic. "My…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
ओशो प्रेमियों एवं संन्यासियों को अलग रखकर बात करें तो अधिकतर लोगों की नजर में ओशो एक व्यक्ति का ही नाम है जो 80 के दशक में आध्यात्मिक गुरु के रूप में उभरा कम था बल्कि विवादों एवं आरोपों में घिरा अधिक था। दुर्भाग्य से ऐसा मानने व सोचने वालों की संख्या ज्यादा है। यह पुस्तक इसी बात को ध्यान…
₹750.00Original price was: ₹750.00.₹600.00Current price is: ₹600.00.
हिंदी में भक्त कवियों की एक लंबी पंरपरा रही है। भक्तों की इस मणि-माला में मीरा कौस्तुभ मणि के समान है। उसकी आभा सबसे अधिक मोहक, सबसे अधिक प्रखर और सबसे अधिक जीवंत है। भक्ति समग्र से कम पर संतुष्ट नहीं होती। यदि आप मरने के लिए तैयार हैं, यदि आप सारे विश्लेषण, सारे कपड़े उतारने के लिए तैयार हैं,…
₹450.00Original price was: ₹450.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
जीवन दर्शन पर प्रवचन होश आत्मा का दीया है। वही ध्यान है, उसी को मैं मेडिटेशन कहता हूं। होश ध्यान है। निरंतर अपने जीवन के प्रति, सारे तथ्यों के प्रति जागे हुए होना ध्यान है। वही दीया है, वही ज्योति है। उसको जगा लें और फिर देखें, पाएंगे, अंधेरा क्रमशः विलीन होता चला जा रहा है। एक दिन आप पाएंगे,…
₹450.00Original price was: ₹450.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
"जो होशपूर्वक अपनी सारी क्रियाएं करेगा, इंद्रियों के सारे संबंधों में होश को जाग्रत रखेगा, निरंतर उसका स्मरण रखेगा जो भीतर बैठा है, उसका नहीं जो बाहर दिखाई पड़ रहा है, क्रमशः उसकी दृष्टि में परिवर्तन उत्पन्न होगा। रूप की जगह वह दिखाई पड़ेगा जो रूप को देखने वाला है। सारी क्रियाओं के बीच उसका अनुभव होगा जो कर्ता है।…
₹2,500.00Original price was: ₹2,500.00.₹2,000.00Current price is: ₹2,000.00.
पतंजलि का योग-सूत्रा कोई दार्शनिक व्यवस्था नहीं है। यह अनुभवात्मक है। यह एक उपकरण है, जिससे कुछ किया जाना है। लेकिन फर भी इसमें एक दर्शन समाहित है। यह भी तुम्हें इस बात की बौद्धिक समझ देने के लिए कि तुम कहां जा रहे हो, क्या खोज रहे हो।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
स्वभाव को लाओत्सु ताओ कहता है, पतंजलि कैवल्य कहते हैं, महावीर मोक्ष कहते हैं, बुद्ध निर्वाण कहते हैं। लेकिन तुम इसको चाहे कुछ भी नाम दो- इसका न कोई नाम है और न कोई रूप - यह तुम्हारे भीतर है वर्तमान, ठीक इसी क्षण में। तुमने सागर को खो दिया था क्योंकि तुम अपने स्व से बाहर आ गए थे।…
₹275.00Original price was: ₹275.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
मन चित चातक ज्यूं रटै, पिव पिव लागी प्यास। नदी बह रही है, तुम प्यासे खड़े हो; झुको, अंजुली बनाओ हाथ की, तो तुम्हारी प्यास बुझ सकती है। लेकिन तुम अकड़े ही खड़े रहो, जैसे तुम्हारी रीढ़ को लकवा मार गया हो, तो नदी बहती रहेगी तुम्हारे पास और तुम प्यासे खड़े रहोगे। हाथ भर की ही दूरी थी, जरा…