₹400.00Original price was: ₹400.00.₹350.00Current price is: ₹350.00.
"हम सब आनंद चाहते हैं, हम सब शांति चाहते हैं, हम सब तृप्ति चाहते हैं। लेकिन हम खोजते हैं बाहर। वहीं भूल है। खोजना है भीतर, टटोलना है अपने में – अपने माहिं टटोल। अगर हम भीतर जागकर देख सकें तो वहां जो है वही परमात्मा है, वही मोक्ष है, वही निर्वाण है। फिर उसे कोई कोई नाम दे दे,…
₹450.00Original price was: ₹450.00.₹300.00Current price is: ₹300.00.
‘ध्या्न दर्शन’ एक छोटी सी पुस्तक है जो साधना-पथ का मूल आधार बन सकती है। ओशो कहते हैं: जीवन के दो आयाम हैं—पहले जानना, फिर करना, जिसे हम विज्ञान का नाम देते हैं। दूसरा आयाम है—पहले करना, फिर जानना, जिसे हम धर्म का नाम देते हैं। पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु: डाइनैमिक ध्यान-प्रयोग की उपयोगिता ध्यान: आध्यात्मिक विज्ञान ध्यान से…
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹300.00Current price is: ₹300.00.
Dhyan Sutra - ध्यान-सूत्र महाबलेश्वर के प्राकृतिक वातावरण में ओशो द्वारा संचालित ध्यान शिविर के दौरान हुए प्रवचनों व प्रायोगिक ध्यान प्रयोगों का संकलन है यह पुस्तक। शरीर, विचारों और भावों की एक-एक परत से ग्रंथियों को विलीन करने की कला समझाते हुए, ओशो हमें समग्र स्वास्थ्य और संतुलन की ओर लिए चलते हैं। पुस्तक के कुछ अन्य विषय-बिंदु: सेक्स…
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
महाबलेश्वर के प्राकृतिक वातावरण में ओशो द्वारा संचालित ध्यान शिविर के दौरान हुए प्रवचनों व प्रायोगिक ध्यान प्रयोगों का संकलन है यह पुस्तक। शरीर, विचारों और भावों की एक-एक परत से ग्रंथियों को विलीन करने की कला समझते हुए, ओशो हमें समग्र स्वास्थ्य और संतुलन की ओर लिए चलते हैं।पुस्तक के कुछ अन्य विषय-बिन्दुः• सेक्स उर्जा का सृजनात्मक उपयोग कैसे…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹250.00Current price is: ₹250.00.
अज्ञान का बोध, रहस्य का बोध, अभाव का बोध। अगर इन तीन सूत्रों पर किसी भी जीवन में कोई भी दृष्टि आ जाए तो क्रांति सुनिश्चित है। और उस क्रांति के बाद बिलकुल एक नया मनुष्य उसके भीतर से जन्म ले लेगा, एक बिलकुल दूसरा मनुष्य, एक बिलकुल ही दूसरा मनुष्य-- अति साधारण, अति सरल। लेकिन अति साधारण और अति…
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹280.00Current price is: ₹280.00.
ध्यान की गहराइयों में वह किरण आती है, वह रथ आता है द्वार पर जो कहता है: सम्राट हो तुम, परमात्मा हो तुम, प्रभु हो तुम, सब प्रभु है, सारा जीवन प्रभु है। जिस दिन वह किरण आती है, वह रथ आता है, उसी दिन सब बदल जाता है। उस दिन जिंदगी और हो जाती है। उस दिन चोर होना…